हमारा एक इशारा पाते ही वो हमारी और दौड़ा चला आया।
“क्यों भैया, हमें हर रोज़ क्यों ताड़ते हो?”
जो कुछ भी दिमाग में उस वक़्त आया यह बोल कर मैंने बात शुरू की लेकिन बोलने के बात यह भी सोचने लगी कि कहीं बाज़ी उल्टी न पड़ जाये।
“मैंने आपको कब ताड़ा?” उसने सीधा ही पूछा।
“अच्छा सुनो, हमें तुमसे एक
काम था, मदद करोगे?” मेरी बोली हुई बात से बात कहीं और जा सकती थी.
सीमा ने तुरंत ही पहचान लिया और मेरी बात काट कर वो बीच में बोल पड़ी।
वैसे भी सीमा एक असाधारण प्रतिभा वाली लड़की थी, दिमाग से तेज़, गोरी भी इतनी कि कोई मेकअप की ज़रूरत ही न पड़े।
जब उसने बीच में मेरी बात काटी तो वो थोड़ी देर उसको देखता ही रह गया।
बाकी सारे मर्दो की तरह ही उसकी भी नज़र सीमा की पहनी हुई काली ब्रा पर पड़ी।
“बोलो, क्या मदद कर सकता हूँ?” उसने ब्रा को ताकते हुए ही पूछा.
लेकिन जब उसने महसूस किया कि हम उसको ताड़ते हुए नोटिस कर रही थी, तब उसने अपना सर उठा कर सीमा की आंख में आंख मिलायी।
“मैं यहां नहीं बता सकती, कहीं और मिल सकते हो जहां लोग कम हो?” सीमा ने बोला।
“वैसी क्या बात है?” उसने सवाल किया।
“वो मैं यहां पर नहीं बता सकती, अगर कहीं और जगह मिल सकते हो तो बताओ और मदद भी करनी हो तो ही बताना।” सीमा ने अपनी बात ज़ोर डालते हुए कही।
“सोच कर बताता हूँ।”
हमें लगा था कि वो हमको ताड़ता है तो आसानी से पट जायेगा लेकिन उसके मुंह से यह सुन हमको थोड़ा सा धक्का लगा।
ऐसा लगा कि मानो सारे अरमान धरे के धरे रह गये।
“यह लो यह मेरा नम्बर है, शाम तक हा या ना में फोन कर के बता देना। और हां, एक और बात, इसमें हमारे फायदे से ज़्यादा तुम्हारा अधिक फायदा है। जो निर्णय लो सोच समझकर लेना!” इतना बोलते ही सीमा ने अपनी पर्स से एक पर्ची निकाली जिस पर उसने पेन से मोबाइल नंबर लिखा हुआ था।
फिर हम वहां से अपनी होस्टेल की ओर निकल पड़ी।
रास्ते में हम दोनों ने कुछ बात ही नहीं की, हम दोनों के मन में विचारों का सैलाब उमड़ रहा था।
लेकिन जब हम अपने कमरे पर पहुंची तो मैंने सीमा से कहा- उसको अपना नंबर देने की क्या ज़रूरत थी? अगर वो मान जाता है, और हम टास्क भी पूरा कर लेते हैं तो बाद में वो फोन कर कर के तुम्हें परेशान कर सकता है।
“नहीं नहीं, ऐसा बिल्कुल भी नहीं होगा यह एक कोई और सिम कार्ड है, मेरी सहेली का भाई बेचता है, उसी से लिया है. अगर वो फोन करता है और हमारी बात के लिये राज़ी भी हो जाता है तो हम 3 दिन तक यह कार्ड रखेंगे और फिर इस शहर के साथ साथ यह सिम भी यहीं छोड़ जायेंगे।
जब उसने यह बात बताई तो मुझे ऐसा लगा कि मुझसे ज़्यादा सीमा इस टास्क को करने के लिये बेकरार थी।
“लेकिन, मुझे एक और चिंता सता रही है।” मैंने सीमा से कहा।
“क्या?” उसने पूछा।
“यदि सब कुछ जैसा हमने सोचा है ठीक वैसे ही हो जाता है तब भी मान लो कि उसने तुम्हारी न्यूड वीडियो कोई स्पाई कैमरे से बना ली तो क्या होगा?”
मेरे इस सवाल ने थोड़ी देर के लिये सीमा को भी खामोश कर दिया.
लेकिन मेरी बात सोचने वाली थी।
हम बस यह उत्साह और हवस के वश कर रही थी। हम यह तो बिल्कुल भी नहीं चाहती थी कि हम इसके बाद किसी मुश्किल में फंस जायें और बाद में वो हमें ब्लैकमेल कर हमारा फायदा उठा सके।
“एक काम कर सकते हैं … यदि उसका फ़ोन आता है और वो मदद करने के लिये राज़ी हो जाता है तो हम उसे यह बोलेंगी कि कुछ पाना चाहते हो तो तुम्हें भी एक काम करना पड़ेगा और हम उसको कहेंगे कि वो अपने सारे कपड़े उतारे और हमारी ब्रा पेंटी पहन कर लिपस्टिक लगा कर लड़कियों वाला डांस करे और उसे हम एक स्पाई कैमरे से कैद कर लेंगे और यदि वो हमें ब्लैकमेल करता है तो हम उसको यह वीडियो दिखा देंगी।
सीमा का आईडिया एकदम धांसू था.
तब हम फिर उसके कॉल का इंतज़ार करने लगी।
कुछ घंटे यू ही निकल गये. उसके बाद उस नम्बर पर एक फोन आया जो सीमा ने सिर्फ उस सैलून वाले को दिया था।
फ़ोन पर जब उसने हां कह दी तो हमने उसको हमारे रूम पर ही बुला लिया और उसको बता दिया कि रिसेप्शन पर बोल दे कि वह सीमा का भाई है जिससे वार्डन उसको हमारे रूम पर आने दे।
जब वह हमारे कमरे पर आया तो हमने उसको हमारे बेड पर बिठाया।
“हाई, माई सेल्फ श्वेता, और तुम?” जान पहचान बढ़ाने के लिये सीमा ने हाथ आगे बढ़ाया लेकिन अपना वास्तविक नाम नहीं बताया।
“मेरा नाम मुकेश है।” सीमा के बढ़ाये हुए कोमल हाथ को पकड़ने में मुकेश ने कोई भी देरी नहीं की, शायद वह भी जानता था कि, इतनी गोरी-चिट्टी, दूध जैसी लड़की उसे फिर कभी नहीं मिलने वाली थी।
“चाय पिओगे?” सीमा ने हाथ छुड़ाकर पूछा।
“जी, आप पिलाओगी तो बिल्कुल!” उसने थोड़ा मुस्कुराते हुए जवाब दिया।